countryLatest newsthemediawalauppoliceuttarpradesh

हरियाणा के सोनीपत जिलें में मिले छ: संदिग्ध, टोपी बनी शक का कारण।

Share it on

सोनीपत: दिल्ली एनसीआर में शामिल सोनीपत नगर के अटेरना गांव में शुक्रवार रात छ: संदिग्धों को ग्रामीणों ने घुमते हुए पकड़ा लेकिन उसके बाद जो घटा वह बिल्कुल चौंकाने वाला था, क्योंकि सवाल था देश की सुरक्षा से जुड़ा।

 
दरसल, अटेरना गांव में बीती रात छ: व्यक्ति घुम रहे थे, लेकिन उनकी हरकतों की वजह से ग्रामीणों को उनपे शक हुआ और इसी आधार पर उनको रोक कर पूछताछ करने लगे। पुछताछ और तलाशी के दौरान उनके पास एक टोपी बरामद हुई जिसपे लिखा था- “मेड इन पाकिस्तान”, उसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा सांतवें आसमान पर पहुंच गया। आगे उनसे पूछताछ करने पर उन व्यक्तियों ने बताया कि वे सभी गांव में एक परिवार के यहां आए थे और परिवार के एक सदस्य का नाम लिया। इस बात का पता चलने पर करणी सेना के जिलाध्यक्ष दीपक चौहान व उनके अन्य साथी मौके पर पहुंचें और उन लोगों की छानबीन करने लगे। लेकिन उनके पास जो टोपी बरामद हुई वहीं उनकी सबसे बड़ी गलती निकली। उन छ: संदिग्धों को करणी सेना के पदाधिकारी अपने साथ उस परिवार के पास भी ले गए जिनके यहां वे आने का ज़िक्र कर रहें थे लेकिन उस परिवार के किसी भी सदस्य ने उनकी पहचान की पुष्टि नहीं की।

उन छ: संदिग्धों की टोपी और गलत बयानबाजी के आधार पर ग्रामीणों ने उनपे पाकिस्तानी आतंकी होने का शक जताया और कुंडली थाना लेकर पहुंच गए। कुंडली थाना ने भी छानबीन का कार्य शुरु कर इस घटना को गंभीरता से लिया और खुफिया एजेंसी व चंडीगढ़ के उच्च अधिकारियों को भी इस बात से अवगत करा दिया। पुलिस ने भी देर रात तक उन सभी छ: संदिग्धों से पूछताछ की और पूरी स्थिति साफ होने के बाद ही कुछ बता पाने की बात कही।

करणी सेना साल 2006 में स्थापित एक राजपूत जाति संगठन है। यह समुह कथित राष्ट्रीय एकता का हिमायती और जाति-केंद्रित सकारात्मक भेदभाव और भ्रष्टाचार का विरोध करता है।

करणी सेना के जिलाध्यक्ष दीपक चौहान ने पकड़े गए छ: युवकों के खिलाफ एक लिखित शिकायत दर्जं कराई है जिसमें उन्होंने यह आरोप लगाया है कि ये लोग गांव में धार्मिक भावनाओं को भड़का रहे थे जिससे गांव में हिंसा होने का खतरा पैदा हो सकता है। देश में इस समय जो गंभीर माहौल की स्थिति बनी हुई है उसको ध्यान में रखते हुए भी इनकी पहचान करना जरुरी है क्योंकि अगर ऐसे लोगों की पहचान करने में हम असफल होंगे तो देश का माहौल और बिगड़ सकता है। जिस किसी व्यक्ति या संगठन का हाथ ऐसे लोगों को देश के अन्दर लाने में शामिल है उनको ढुढ़ना अब जरुरी हो गया है। अगर हम ऐसा नहीं करेंगे तो देश की संस्कृति और परंपरा को भीषण क्षति पहुँच सकती है।


Share it on
Show More

Related Articles

One Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button